उत्तर प्रदेश

जौनपुर: पूर्वांचल विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में 33 करोड़ खर्च पर उठे सवाल, राजभवन ने मांगा जवाब

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच लाइब्रेरी पर 33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, जिसमें टेक्स्ट बुक, रेफरेंस बुक, ऑफलाइन जर्नल और ई-रिसोर्स शामिल हैं।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता उद्देश्य सिंह ने राजभवन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नौ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।

ई-रिसोर्स के उपयोग पर सवाल

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए ई-रिसोर्स का छात्रों को पर्याप्त एक्सेस नहीं मिला। इसी आधार पर वित्तीय खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

कुलपति का पक्ष

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने आरोपों को लेकर कहा कि लाइब्रेरी में पुस्तकें उपलब्ध हैं और छात्र उनका उपयोग भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना जांच निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा और पूरा मामला जांच के अधीन है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2017-22 के दौरान हुई खरीदारी प्रो. मानस पांडे के कार्यकाल में हुई थी, इसलिए उनसे भी रिपोर्ट मांगी गई है।

जांच की प्रक्रिया

कुलपति के अनुसार, सभी तथ्यों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल राजभवन द्वारा मांगे गए जवाब और आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और शिकायतकर्ता के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

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