यूपी में 1 लाख नई भर्तियों का ऐलान, सीएम योगी बोले– अब नौकरी सिफारिश नहीं, योग्यता से मिलेगी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब नौकरी पाने के लिए न तो सिफारिश की जरूरत है और न ही रिश्वत की।
सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के 936 नवचयनित प्रधान परिचालकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया है।
1 लाख नई भर्तियों की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड करीब 1 लाख नई भर्तियां करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में 60,000 आरक्षियों की एक साथ ट्रेनिंग पूरी हुई है और पिछले 9 वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है।
पहले की व्यवस्था पर निशाना
सीएम योगी ने कहा कि 9 साल पहले भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भेदभाव आम था, लेकिन अब पूरी व्यवस्था बदल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां सीमित प्रशिक्षण क्षमता थी, वहीं अब एक साथ हजारों जवानों की ट्रेनिंग संभव है।
युवाओं को दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से कहा कि ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करना ही असली सेवा है। उन्होंने कहा कि “नैतिकता और अनुशासन से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा।”
यूपी पुलिस में बदलाव
सीएम योगी ने बताया कि राज्य में पुलिस बल को आधुनिक बनाया जा रहा है। नई बैरक, मॉडल थाने, फायर स्टेशन और फॉरेंसिक लैब्स की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही महिलाओं और खिलाड़ियों की भर्ती को भी बढ़ावा दिया गया है।
फिटनेस और सेवा पर जोर
उन्होंने युवाओं को फिट रहने का संदेश देते हुए कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर ही बेहतर सेवा दी जा सकती है।
निष्कर्ष
सीएम योगी के अनुसार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और मजबूत कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को निवेश और विकास के लिए आकर्षक राज्य बनाया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।



