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कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आने वाले समय में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

इस गिरावट के पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान अहम माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेत दिए हैं।

ब्रेंट क्रूड और WTI में गिरावट

ग्लोबल मार्केट में प्रमुख बेंचमार्क इस तरह रहे:

  • ब्रेंट क्रूड: लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल
  • WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट): करीब 99 डॉलर प्रति बैरल

बयान के बाद बाजार में पहले तेज गिरावट आई, हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी भी देखी गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर राहत की उम्मीद

तेल बाजार में लंबे समय से चिंता का बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य रहा है। यह दुनिया के तेल व्यापार का बेहद अहम मार्ग है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।

विशेषज्ञों को डर था कि यदि यह मार्ग बाधित होता है तो तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा, लेकिन अब कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद से जोखिम कम हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव क्यों?

फरवरी से अब तक भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में करीब 40% तक की बढ़ोतरी देखी गई थी। अब संभावित समझौते की खबरों से बाजार में “जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम” कम होने लगा है।

2027 तक सामान्य स्थिति लौटने की संभावना

सुल्तान अल जाबेर के अनुसार, भले ही तनाव तुरंत खत्म हो जाए, लेकिन मध्य पूर्व से तेल सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में साल 2027 तक का समय लग सकता है।

भारत पर असर: पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा भारत जैसे आयातक देशों को मिलेगा। इससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी संभव है।

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