साध्वी हर्षानंद गिरि का बयान: दहेज और प्रताड़ना पर उठाए गंभीर सवाल, ट्विशा-दीपिका मामलों का जिक्र

हर्षा रिछारिया (अब स्वामी हर्षानंद गिरि) ने हाल के मामलों को लेकर दहेज प्रथा और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे मामलों ने समाज को आईना दिखाया है।
इन मामलों में सामने आ रही दहेज मांग और मानसिक प्रताड़ना को उन्होंने बेहद चिंताजनक बताया।
“लालच रिश्तों को तोड़ देता है” — साध्वी का बयान
साध्वी ने कहा कि जब बेटी विवाह के बाद ससुराल जाती है तो परिवार अपनी क्षमता से अधिक देकर उसे विदा करता है, लेकिन कई बार रिश्तों में लालच हावी हो जाता है। यही लालच आगे चलकर महिलाओं के लिए गंभीर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का कारण बनता है।
आत्महत्या पर समाज की सोच पर सवाल
हर्षा रिछारिया ने कहा कि आत्महत्या को अक्सर समाज एक “कमजोर कदम” मान लेता है, जबकि इसके पीछे लंबी मानसिक प्रताड़ना होती है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अचानक ऐसा कदम नहीं उठाता, बल्कि वह लंबे समय तक तनाव और उत्पीड़न झेलता है।
“मृतका का चरित्र हनन दोहरी सजा है”
साध्वी ने यह भी कहा कि किसी महिला की मौत के बाद उसके परिवार को न्याय की बजाय एक और संघर्ष झेलना पड़ता है। कई बार ससुराल पक्ष मृतका के चरित्र और परवरिश पर सवाल उठाकर मामले को कमजोर करने की कोशिश करता है।
इससे पीड़ित परिवार को सामाजिक और कानूनी दोनों स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है।
महिलाओं को दिया संदेश: डरें नहीं
उन्होंने महिलाओं से कहा कि उन्हें डरने की बजाय मजबूत रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने समाज की उस सोच पर भी सवाल उठाया, जो महिलाओं को दोषी ठहराने की प्रवृत्ति रखती है।
महाकुंभ से चर्चा में आई थीं साध्वी
महाकुंभ 2024 के दौरान हर्षा रिछारिया पहली बार सुर्खियों में आई थीं, जहां उनके वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई थीं। बाद में उन्होंने संन्यास लेकर स्वामी हर्षानंद गिरि के रूप में नई पहचान अपनाई।



