बाराबंकी मदरसा नियुक्ति विवाद से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रसौली स्थित मदरसा जामिया मदीनतुल उलूम में नियुक्तियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मदरसे के प्रबंधक अयाज अहमद पर नियमों के उल्लंघन और रिश्तेदारों को नौकरी देने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रबंधक पर रिश्तेदारों की नियुक्ति के आरोप
आरोपों के अनुसार मदरसे में सरकारी शिक्षिका के पद पर जेबा बानो और शिक्षक के पद पर मोहम्मद शब्बीर की नियुक्ति की गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जेबा बानो प्रबंधक अयाज अहमद की पत्नी हैं, जबकि मोहम्मद शब्बीर उनके रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान प्रबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति बनाई गई। आरोप है कि प्रबंधक ने कभी खुद को प्रबंधन से अलग बताया और फिर दोबारा पद संभाल लिया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी अनुदान पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार सहायता प्राप्त मदरसों को हर साल भारी अनुदान देती है। राज्य सरकार मदरसों के संचालन और शिक्षकों के वेतन के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च करती है, ऐसे में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रबंधक ने आरोपों को बताया गलत
मदरसे के प्रबंधक अयाज अहमद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जिन नियुक्तियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उस समय वे न तो प्रबंधक थे और न ही प्रबंधन समिति का हिस्सा थे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले की जांच होती है तो वे पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
प्रशासन ने जांच के दिए संकेत
District Minority Welfare Office Barabanki ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि की है और जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ है।




