पुरुषोत्तम मास 2026: 15 जून से पहले करें ये उपाय, भगवान विष्णु-लक्ष्मी की कृपा से दूर होंगी परेशानियां

Purusottam Maas 2026: हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास या अधिकमास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और हर तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए पूजा-पाठ, दान और उपाय सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देते हैं।
इस वर्ष पुरुषोत्तम मास का समापन 15 जून 2026 को होने जा रहा है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ विशेष उपाय करके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाई जा सकती है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा
इस पावन महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है।
गाय को हरा चारा खिलाना शुभ
धार्मिक परंपराओं के अनुसार गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। पुरुषोत्तम मास में गाय को हरा चारा, गुड़ या रोटी खिलाना पुण्यदायी माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।
तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं
शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना गया है। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
जरूरतमंदों को करें दान
इस माह में दान का विशेष महत्व बताया गया है। अपनी क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र, फल या धन का दान करने से जीवन की बाधाएं कम होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
पुरुषोत्तम मास में नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि पूरा पाठ संभव न हो तो भगवान विष्णु के नामों का स्मरण या मंत्र जाप भी किया जा सकता है।
पीले रंग की वस्तुओं का दान
भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है। इसलिए पीले वस्त्र, हल्दी, चना दाल, केसर और पीले फलों का दान करना शुभ माना जाता है। इससे भाग्य में वृद्धि और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।
निष्कर्ष
पुरुषोत्तम मास आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक बताए जाते हैं।



