उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू, जानें तिथियां और जरूरी निर्देश

उत्तर प्रदेश सहित देश के नौ राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई और 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि किसी भी मतदाता का नाम दो स्थानों पर दोबारा दर्ज न हो।
मतदाता को क्या करना चाहिए?
- अगर किसी मतदाता का नाम दो जगह—जैसे गांव और शहर—दोनों जगह है, तो केवल एक जगह ही गणना प्रपत्र भरें।
- दो जगह फॉर्म भरने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत एक साल की सजा या जुर्माना लगाया जा सकता है।
- जिनका नाम अन्य शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों में है, उन्हें उसी स्थान का फॉर्म भरना चाहिए।
CEO नवदीप रिणवा ने कहा: “डिजिटल माध्यम से दो-स्थान से फॉर्म भरने वालों को आसानी से ट्रैक किया जाएगा।”
SIR की प्रमुख तिथियां
| क्र.सं. | प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|---|
| 1 | फॉर्म वितरित और संकलित | 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025 |
| 2 | मसौदा सूची प्रकाशन | 9 दिसंबर 2025 |
| 3 | आपत्तियां दर्ज करने की अवधि | 9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026 |
| 4 | सत्यापन अवधि | 9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026 |
| 5 | अंतिम प्रकाशन | 7 फरवरी 2026 |
एसआईआर का दूसरा चरण कहां-कहां है?
विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है:
राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु
केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी
इस प्रक्रिया का उद्देश्य 321 जिलों और 1,843 विधानसभा क्षेत्रों में SIR का संचालन करना है।
बीएलओ की भूमिका
- बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे।
- फॉर्म भरकर बीएलओ को वापस करना आवश्यक है।
- यदि मतदाता उपलब्ध नहीं है, तो परिवार का कोई सदस्य फॉर्म भरकर जमा कर सकता है।
- नाम सत्यापन प्रक्रिया उन नागरिकों के लिए होगी जिनका नाम 2023 की मतदाता सूची में नहीं है।
ऑनलाइन सुविधा और हेल्पलाइन
- मतदाता अपना गणना फॉर्म यहाँ डाउनलोड कर सकते हैं।
- अधिक जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर: 1950 या 1800-180-1950।

