बिजली बिल में होगा समायोजन, लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई राशि के तौर पर करीब 102 करोड़ रुपये वापस करेंगी। यह रकम उपभोक्ताओं को नकद नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके आने वाले बिजली बिलों में समायोजित (एडजस्ट) की जाएगी।
UPERC के निर्देश पर लिया गया फैसला
जानकारी के मुताबिक, यह निर्णय उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के निर्देश पर लिया गया है। आयोग की जांच में सामने आया कि बिजली कंपनियों ने अलग-अलग मदों में उपभोक्ताओं से तय शुल्क से अधिक राशि वसूल ली थी। इसके बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिरिक्त वसूली गई रकम उपभोक्ताओं को लौटाने के आदेश दिए।
कैसे मिलेगी उपभोक्ताओं को राशि?
बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि—
- उपभोक्ताओं को पैसा अलग से कैश या खाते में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा
- अतिरिक्त वसूली की गई राशि को बिजली बिल में घटाकर दिखाया जाएगा
- जिन उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली हुई है, उन्हें सीधे अगले बिलों में इसका लाभ मिलेगा
लाखों उपभोक्ताओं को होगा फायदा
इस फैसले से प्रदेशभर के घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को लाभ होगा। खासतौर पर आम घरेलू उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बिजली बिल में कुछ राहत देखने को मिल सकती है।
नियामक आयोग की सख्ती
UPERC ने साफ कहा है कि उपभोक्ताओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग ने बिजली कंपनियों को भविष्य में—
- बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता
- तय शुल्क के अनुसार ही वसूली
- उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने
के सख्त निर्देश दिए हैं।
उपभोक्ताओं में संतोष
इस फैसले के बाद उपभोक्ता संगठनों ने संतोष जताया है। उनका कहना है कि यह कदम बिजली कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम साबित होगा। कुल मिलाकर, यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को 102 करोड़ रुपये की वापसी को बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे बिजली बिल का बोझ कुछ हद तक कम होगा।

