मेरठ में मंत्री संजय निषाद को पुलिस ने रोका, सोनू कश्यप के परिवार से मिलने से रोके जाने पर सियासी बवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद बुधवार को मेरठ में जिंदा जलाकर हत्या किए गए सोनू कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में यूपी गेट पर रोक दिए गए। इसके बाद मंत्री और पुलिस प्रशासन के बीच काफी सियासी नोकझोंक देखने को मिली।
मंत्री ने जताई नाराजगी
संजय निषाद ने कहा कि उन्हें गेस्ट हाउस में रोका गया, जबकि उनका मकसद पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना था।
मंत्री ने कहा, “मैं परिवार से मिलना चाहता था, उनका दुख साझा करना चाहता था। पुलिस दावा कर रही है कि एक लड़के को पकड़ लिया है, लेकिन क्या एक नाबालिग ऐसा कर सकता है? वो मेरे समाज का लड़का है।”
उन्होंने अधिकारियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि उन्हें पहले वादा किया गया था कि परिवार से मिलवाया जाएगा, फिर भी उन्हें जाने से रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर उन्हें रोक रखा गया है।
सपा-बसपा से जुड़े अधिकारियों पर आरोप
संजय निषाद ने कहा, “कुछ अधिकारी सपा और बसपा की मानसिकता से जुड़े हैं और सरकार के काम में रोड़ा अटका रहे हैं। इसी कारण बीजेपी को पिछले चुनाव में 43 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।”
उन्होंने कहा, “अंदर से हाथी, साइकिल और पंजा है, ऊपर से कमल के साथ है। मैं गठबंधन का साथी हूं, लेकिन इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करूंगा। इसकी शिकायत मैं प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करूंगा।”
पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश
मंत्री संजय निषाद पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री से मिलवाने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और घटनास्थल का माहौल काफी गरम हो गया।




