यूपी पुलिस की ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कदम

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कुख्यात कफ सिरप तस्कर शुभम जायसवाल के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद उसके पिता भोला प्रसाद को PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम के तहत एक साल के लिए निरुद्ध कर दिया गया है।
फर्जी फर्मों से चलता था अवैध कारोबार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क फर्जी कंपनियों के जरिए कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई करता था।
- दवाओं को मेडिकल उपयोग के नाम पर डायवर्ट किया जाता था
- बाद में इन्हें काले बाजार में बेचा जाता था
- पूरे नेटवर्क में संगठित तस्करी प्रणाली सक्रिय थी
अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार इस गिरोह की जड़ें सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थीं, बल्कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, कफ सिरप की खेप को बांग्लादेश तक भेजा जाता था, जहां इसकी नशे के रूप में भारी मांग थी।
शासन की मंजूरी के बाद हुआ एक्शन
पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दी, जिसके बाद भोला प्रसाद की निरुद्धि का आदेश जारी किया गया।
PIT-NDPS कानून के तहत बिना औपचारिक मुकदमे के आरोपी को एक तय अवधि तक हिरासत में रखा जा सकता है, ताकि वह आगे किसी अवैध गतिविधि में शामिल न हो सके।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्रवाई ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।




