मुरादाबाद में तनाव: सपा सांसद रुचि वीरा को गांव जाने से रोका गया, समर्थकों में आक्रोश

रुचि वीरा को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नारायणपुर छंगा गांव जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान उन्हें उनके आवास पर ही नजरबंद रखा गया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
समर्थकों का विरोध और नारेबाजी
सांसद को रोके जाने के बाद उनके समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और जमकर नारेबाजी की। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दो दिन पहले ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में पहले एक पक्ष से 12 नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया, और बाद में दूसरे पक्ष के 13 लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया।
“मुझे अपने ही क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा”
रुचि वीरा ने कहा कि वे पीड़ित दलित परिवारों से मिलने जा रही थीं, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह उनका संसदीय क्षेत्र है तो उन्हें जाने से क्यों रोका जा रहा है।
बीजेपी पर आरोप और महिला आरक्षण पर हमला
सांसद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून को लागू करने की बजाय सरकार परिसीमन के जरिए सीटों को अपने हिसाब से बदलना चाहती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा संसद और विधानसभा सीटों के आधार पर तुरंत 33% महिला आरक्षण लागू होना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी टिप्पणी
रुचि वीरा ने विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका विवाद में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को लेकर स्थिति शर्मनाक है। हालांकि यह टिप्पणी उनके मुख्य राजनीतिक मुद्दों से अलग मानी जा रही है।
बढ़ा राजनीतिक तनाव
घटना के बाद उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति, कानून व्यवस्था और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर सियासी टकराव और तेज हो गया है।




