पप्पू यादव ने विवादित बयान पर मांगी माफी, कहा- “नेताओं से नहीं, बहनों-बेटियों से माफी”

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और जन अधिकार नेता पप्पू यादव ने महिलाओं पर दिए गए अपने विवादित बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। उन्होंने गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को मीडिया के सामने आकर अपनी टिप्पणी पर खेद जताया।
क्या था विवाद?
पप्पू यादव ने हाल ही में बयान दिया था कि राजनीति में सक्रिय कई महिलाएं “पुरुषों के शयनकक्ष के रास्ते” आगे बढ़ी हैं। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में भारी विवाद खड़ा हो गया था।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं और बिहार राज्य महिला आयोग ने इस बयान की कड़ी निंदा की थी। इसके खिलाफ कई जगहों पर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन और रैलियां भी कीं।
पप्पू यादव की सफाई और माफी
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा:
- अगर उनके बयान से किसी महिला को ठेस पहुंची है, तो वे माफी मांगते हैं
- यह माफी “बहनों और बेटियों के लिए है, नेताओं के लिए नहीं”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी लड़ाई “गंदे और भ्रष्ट नेताओं” के खिलाफ है, जिनके खिलाफ गंभीर आरोप और सार्वजनिक प्रमाण मौजूद हैं।
परिवार को लेकर जताई नाराजगी
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि विवाद के दौरान उनके परिवार, खासकर पत्नी और बेटी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसी बातें कीं, उन्हें वे परिवार जैसा मानते हैं और उनके साथ लंबे समय से राजनीतिक संबंध रहे हैं।
राजनीतिक हमला और सवाल
सांसद ने अपने बचाव में कई सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं होती हैं—जैसे नीट छात्रा मामले, दरभंगा और वैशाली की घटनाएं—तब कुछ लोग आवाज क्यों नहीं उठाते।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति में “भ्रष्टाचार और गंदगी” के खिलाफ लड़ना और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



