उत्तर प्रदेश

नेहा की संदिग्ध मौत का मामला गरमाया, राजनीतिक रंग लेने के बाद बढ़ा विवाद

गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में नाबालिग नेहा विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सवाल उठाए हैं।

14-15 अप्रैल:
14 अप्रैल की देर रात नेहा घर से लापता हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में वह अकेले जाती हुई दिखाई दी। कुछ समय बाद उसने अपने पिता को फोन किया, लेकिन इसके बाद संपर्क टूट गया। 15 अप्रैल को जमानिया गंगा पुल के पास एक युवती का शव मिलने की सूचना पर परिजन पहुंचे, जहां शव की पहचान नेहा के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

20 अप्रैल:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई, लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद मामला राजनीतिक रूप लेने लगा और कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

21 अप्रैल:
अखिलेश यादव ने मामले को लेकर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की। इसी दिन कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और परिवार से मुलाकात कर लौट गया।

22 अप्रैल:
समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारी समर्थकों के साथ गांव पहुंचा, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पथराव और झड़प की घटना हुई, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में बलिया सांसद ने पुलिस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का आरोप लगाया।

23 अप्रैल:
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 47 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार किया।

24 अप्रैल:
विवाद और बढ़ा, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए। प्रशासन ने जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का आश्वासन दिया।

25 अप्रैल:
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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