जिस महिला को मालकिन ने घर देने का वादा किया था, उसी का घर लूट लिया

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी मालकिन का ही घर लूट लिया, जबकि मालकिन उसे बेटी की तरह मानती थी और उसके नाम करोड़ों की प्रॉपर्टी लिखने वाली थी।
पुलिस ने चोरी के आरोप में मंगला नाम की महिला को गिरफ्तार किया है।आरोपी मंगला ने अपने ही घर की मालकिन 58 वर्षीय आशा जाधव के घर से 450 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी चुरा लिए थे। चोरी किए गए जेवरों की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
15 साल से कर रही थी सेवा, बेटी की तरह मानती थी मालकिन
यह घटना बेंगलुरु के जेपी नगर इलाके की है।
आरोपी मंगला पिछले 15 वर्षों से आशा जाधव के घर में केयरटेकर के रूप में काम कर रही थी।
आशा जाधव के पति का निधन 25 साल पहले हो चुका था और उनकी कोई संतान नहीं थी।
मंगला ने करीब 10 साल तक आशा जाधव की बीमार मां की सेवा की।इससे प्रभावित होकर आशा उसे बेटी की तरह मानने लगीं — वे उसे विदेश यात्राओं पर ले जाती थीं, उसका जन्मदिन मनाती थीं, और जेपी नगर में डेढ़ करोड़ रुपये का एक घर भी उसके नाम कर दिया था।
ऑनलाइन सट्टे की लत बनी बर्बादी की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मंगला को ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत लग गई थी।सट्टे के चक्कर में उसने न केवल अपना घर बेच दिया, बल्कि करीब 40 लाख रुपये का कर्ज भी ले लिया।हालांकि, आशा जाधव ने उसका कर्ज चुका दिया था और यहां तक कि 5 करोड़ रुपये की वसीयत भी मंगला के नाम कर दी थी।लेकिन सट्टे की लत ने मंगला को अपराध की राह पर धकेल दिया।
दिवाली पर खुला राज — अलमारी से गायब था सोना
पुलिस के अनुसार, मंगला ने सट्टे का पैसा चुकाने के लिए आशा के घर से गहने चुराने की योजना बनाई।
उसने घर की अलमारी से 450 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी चोरी की और चाबी को सुनसान जगह पर फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो।दिवाली के मौके पर जब आशा जाधव ने डुप्लीकेट चाबी से अलमारी खोली, तो पता चला कि सारा सोना और चांदी गायब है।
जांच में खुला सच, फिर भी मालकिन ने मांगी माफी
शुरुआत में आशा जाधव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस को मंगला पर शक हुआ।
जब पुलिस ने मंगला का मोबाइल फोन चेक किया, तो उसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी के रिकॉर्ड और लेन-देन का विवरण मिला।
पूछताछ में मंगला ने चोरी की बात कबूल कर ली।
दिल छू लेने वाली बात यह रही कि जब पुलिस मंगला को गिरफ्तार करने पहुंची, तो आशा जाधव ने पुलिस से विनती करते हुए कहा — “हमें हमारा सोना मिल गया है, उसे छोड़ दो।”लेकिन पुलिस ने नियमों के तहत एफआईआर दर्ज कर मंगला को गिरफ्तार कर लिया।अब आशा जाधव ने मंगला के नाम लिखी वसीयत को रद्द कर दिया है।




