देश-विदेश

आरएसएस में शताब्दी वर्ष से पहले संगठनात्मक बदलाव की तैयारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने 100वें वर्ष से पहले संगठन में बड़े बदलाव करने की योजना बना रहा है। संघ सूत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटाई जाएगी और प्रांत स्तर की व्यवस्था खत्म कर ‘राज्य प्रचारक’ का नया पद बनाया जा सकता है।

मुख्य बदलाव

  • पूरे देश के 11 क्षेत्र अब घटाकर 9 क्षेत्र किए जा सकते हैं।
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर अब एक ही क्षेत्र बनाया जाएगा।
  • राजस्थान को अलग क्षेत्र नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे उत्तरी क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
  • हर राज्य में एक-एक राज्य प्रचारक होंगे। बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में पहले सात प्रांत प्रचारक थे, अब उनकी जगह एक राज्य प्रचारक होगा।
  • कमिश्नरी स्तर पर संभागीय प्रचारक का नया पद बनाया जाएगा। पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक होंगे।

संरचना और सुझाव

  • संभागीय प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।
  • शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने आंतरिक संगठन और पदानुक्रम पुनर्गठन के लिए एक टीम बनाई थी, जिसने सुझाव और रिपोर्ट तैयार कर दी है।
  • लगभग सभी सुझावों पर सहमति बन गई है, और ये बदलाव शताब्दी वर्ष समारोह के बाद लागू हो सकते हैं।

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