देशभर में बैंक हड़ताल, 8 लाख कर्मचारी रहेंगे बाहर; 4 दिन तक प्रभावित हो सकती हैं सेवाएं

देशभर में 27 जनवरी 2026 को बैंकिंग व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। करीब आठ लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने वाले हैं।
यह हड़ताल पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह (5 Days Working) की मांग को लेकर की जा रही है, जिसमें सरकारी, निजी, विदेशी, ग्रामीण और सहकारी बैंक सभी शामिल होंगे।
5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग बनी हड़ताल की वजह
बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें भी अन्य क्षेत्रों की तरह सोमवार से शुक्रवार तक कार्य सप्ताह दिया जाए।
यूनियनों के मुताबिक:
- यह मांग लंबे समय से विचाराधीन है
- भारतीय बैंक संघ (IBA) ने प्रस्ताव दो साल पहले सरकार को भेजा था
- अब तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया
यही कारण है कि बैंक यूनियनों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
पहले से हो चुका है समझौता, फिर भी फैसला लंबित
यूनियनों का कहना है कि:
- 7 दिसंबर 2023 को
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और IBA के बीच इस पर सहमति बनी थी - इसके बाद
8 मार्च 2024 के सेटलमेंट और जॉइंट नोट में भी इस मांग को दोहराया गया
प्रस्ताव के तहत:
- सोमवार से शुक्रवार तक रोज़ाना 40 मिनट अधिक काम
- सभी शनिवारों को पूर्ण अवकाश
का प्रावधान किया गया था।
इन संगठनों ने हड़ताल को दिया समर्थन
यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में की जा रही है, जिसमें बैंक कर्मचारियों के 9 प्रमुख संगठन शामिल हैं—
- ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन
- ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन
- नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज
- ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन
- बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया
- इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन
- इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस
- नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स
- नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स
जनवरी के आखिरी हफ्ते में 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक
जनवरी के अंतिम सप्ताह में ग्राहकों को लगातार चार दिन बैंक बंद रहने की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।


