अनुराग यादव को चुनाव ऑब्ज़र्वर पद से हटाने पर सियासी विवाद

उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव ऑब्ज़र्वर पद से हटाने के बाद सियासत गरम हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ कोलकाता में हाई लेवल मीटिंग के दौरान तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद अनुराग यादव को हटाने का निर्णय लिया गया।
समाजवादी पार्टी का हमला
सपा प्रवक्ता फखरुल चांद हसन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
उन्होंने एबीपी न्यूज़ से कहा:
“ज्ञानेश कुमार एक घटिया स्तर के अधिकारी हैं, जो भाजपा के छोटे कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं। वे देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।”
सपा का आरोप है कि चुनाव आयोग बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा है, और पश्चिम बंगाल में बीजेपी को जिताने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस का निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा:
“उन्होंने पहले टीएमसी सांसद डेरेक ब्रायन से ‘गेट लॉस्ट’ कहा और अब अनुराग यादव के साथ बदतमीज़ी की। उनका व्यवहार हिटलरशाही जैसा है। ऐसे अधिकारी लोकतंत्र को स्वीकार नहीं करते।”
कांग्रेस ने कहा कि इस तरह के व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मामला कैसे शुरू हुआ?
- अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया गया था
- बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त की हाई लेवल मीटिंग में बहस हुई
- बहस के दौरान अनुराग यादव ने कहा: “आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते”
- इसके बाद उन्हें ऑब्ज़र्वर पद से हटा दिया गया




