14 अप्रैल को खत्म होगा खरमास, मेष संक्रांति के साथ शुरू होंगे शादी-विवाह और शुभ कार्य

पंचांग के अनुसार, 2026 में खरमास की अवधि 14 अप्रैल, मंगलवार को सुबह 09:39 बजे समाप्त हो रही है। इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। इस महत्वपूर्ण खगोलीय परिवर्तन के साथ ही एक महीने से रुके हुए सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
क्या होता है खरमास और क्यों होते हैं शुभ कार्य वर्जित?
ज्योतिष शास्त्र में खरमास वह समय होता है जब सूर्य मीन राशि में स्थित रहते हैं। इस अवधि को अशुभ माना जाता है, इसलिए:
- विवाह
- गृह प्रवेश
- मुंडन संस्कार
- जनेऊ संस्कार
जैसे सभी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। मान्यता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलती।
मेष संक्रांति का महत्व
14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ सूर्य का मेष राशि में प्रवेश:
- नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है
- जीवन में नई शुरुआत का संकेत देता है
- रुके हुए कार्यों को गति देता है
15 अप्रैल से शुरू होंगे शादी के शुभ मुहूर्त
खरमास समाप्त होने के बाद:
- 15 अप्रैल 2026 से विवाह के शुभ लग्न शुरू
- अप्रैल के अंत और मई में कई शुभ तिथियां
- अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल पक्ष) सबसे उत्तम मुहूर्त
ज्योतिष के अनुसार इस समय गुरु और शुक्र की अनुकूल स्थिति विवाह के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
केवल शादी ही नहीं, इन कार्यों की भी होगी शुरुआत
खरमास खत्म होते ही लोग कई अन्य शुभ कार्य भी शुरू कर सकते हैं:
- 🏠 गृह प्रवेश
- 🏗️ नए घर का निर्माण
- 👶 मुंडन संस्कार
- 📚 विद्यारंभ संस्कार
- 🧵 जनेऊ (उपनयन) संस्कार
इस दौरान किए गए कार्यों को दीर्घकालिक सुख-समृद्धि देने वाला माना जाता है।
🔸 क्या करें इस शुभ समय में?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार:
- नए व्यापार या प्रोजेक्ट की शुरुआत करें
- बड़े निवेश या समझौते करें
- परिवार के साथ शुभ कार्यों की योजना बनाएं



