उत्तर प्रदेश

महिला आरक्षण बिल पर सपा का यू-टर्न, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पहले समर्थन देने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) ने अब अपना रुख बदलते हुए बिल का विरोध करने का फैसला किया है।


रामगोपाल यादव ने बताया ‘बेनीयती’ का मामला

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी अब इस बिल का विरोध करेगी और सरकार पर “बेनीयती” का आरोप लगाया।


डिंपल यादव ने उठाए जनगणना और परिसीमन पर सवाल

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बिना जनगणना और सही डेटा के परिसीमन लागू करना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि 20 साल पुराने आंकड़ों के आधार पर यह प्रक्रिया कैसे की जा सकती है।


ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं के आरक्षण की मांग

डिंपल यादव ने कहा कि एससी-एसटी महिलाओं को आरक्षण मिलना संविधान की वजह से सुनिश्चित है, लेकिन अब ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी समान अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।


सरकार पर चुनावी मंशा का आरोप

डिंपल यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बिल राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।


जनगणना और परिसीमन पर जोर

उन्होंने मांग की कि पहले जातिगत और जनगणना के ताजा आंकड़े जारी किए जाएं, उसके बाद ही परिसीमन लागू किया जाए। उनका कहना है कि 2011 के आंकड़ों के आधार पर यह प्रक्रिया सही नहीं होगी।


निष्कर्ष

महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। डिंपल यादव के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है, जिससे यह मुद्दा आने वाले समय में और राजनीतिक रूप ले सकता है।

Related Articles

Back to top button