तेल बाजार में उथल-पुथल: ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मोहम्मद रजा आरिफ ने साफ कहा है कि जब तक ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट पर आर्थिक और सैन्य दबाव खत्म नहीं होता, तब तक दुनिया में फ्यूल की कीमतें स्थिर नहीं हो सकतीं।
“फ्री ऑयल मार्केट या भारी कीमत”
मोहम्मद रजा आरिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सख्त लहजे में कहा कि कोई भी देश ईरान के तेल निर्यात को रोककर खुद के लिए सुरक्षित और सस्ता बाजार नहीं बना सकता। उनका संदेश साफ था—या तो सभी के लिए खुला तेल बाजार होगा या फिर हर देश को महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना टेंशन का केंद्र
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के चलते ऑयल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है।
तनाव के कारण:
- ऑयल टैंकरों की आवाजाही बाधित
- सप्लाई चेन पर असर
- बाजार में अनिश्चितता
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेजी देखी गई:
- अमेरिकी क्रूड ऑयल: 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल
- ब्रेंट क्रूड: 6.5% बढ़कर 96.25 डॉलर प्रति बैरल
हालांकि, जब ईरान ने पहले इस रूट को खोलने की बात कही थी, तब कीमतों में 9% से ज्यादा की गिरावट भी दर्ज की गई थी।
अमेरिका-ईरान टकराव से बढ़ा संकट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पोर्ट्स पर अमेरिकी नेवी की ब्लॉकेड जारी रखने की बात कही है, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
वैश्विक असर: आम लोगों तक पहुंचेगा झटका
इस तनाव का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है।
- एशिया और यूरोप के तेल आयातक देशों पर दबाव
- पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी
- ट्रांसपोर्ट और बिजनेस कॉस्ट में इजाफा
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में ग्लोबल इकोनॉमी पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।




