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मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदारी और 4 गुना मुआवजा

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों को विकास प्रक्रिया का अहम हिस्सा बना रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि भूमि के अधिग्रहण पर बाजार दर से 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से किसानों को नई जमीन खरीदने में आसानी होगी और भू-अर्जन से जुड़े मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। इससे राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।


मल्टीप्लिकेशन फैक्टर बढ़ाकर 2.0 किया गया

सरकार ने मध्यप्रदेश भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता के अधिकार नियम, 2015 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है।

इस बदलाव के बाद किसानों को बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना मुआवजा मिल सकेगा।


विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

सीएम ने बताया कि इस फैसले से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे कार्यों में तेजी आएगी। भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को अधिक राशि मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।


मेट्रोपोलिटन शहरों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेट्रोपोलिटन शहरों के विकास की दिशा में काम किया जा रहा है, जिसके लिए भू-अर्जन की जरूरत बढ़ेगी। पिछले तीन वर्षों में 55 हजार से अधिक किसानों को 16 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।

अब अनुमान है कि हर साल लगभग 20 हजार करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में किसानों को मिल सकते हैं।


गेहूं उपार्जन और किसानों का समर्थन

कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है।

इस वर्ष गेहूं उत्पादन में वृद्धि हुई है और सरकार ने भारत सरकार से 78 लाख मीट्रिक टन खरीद का अनुरोध किया है। किसानों को बोनस भी दिया जा रहा है और गेहूं खरीद प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है।


लाड़ली बहना योजना और बजट

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि में वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सभी वादों को पूरा किया जा रहा है और कोई भी योजना बंद नहीं की गई है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार नीति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार वित्तीय प्रबंधन करते हुए आगे बढ़ रही है

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