FY26 में भारत की IT इंडस्ट्री में बड़ी हलचल: AI के दौर में हायरिंग सुस्त, छंटनी बढ़ी

नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026 में भारत की IT इंडस्ट्री की कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई है। देश की प्रमुख आईटी कंपनियां जैसे Tata Consultancy Services, Infosys, HCL Technologies, Wipro और Tech Mahindra अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित बदलावों के चलते अपने वर्कफोर्स को लेकर ज्यादा सतर्क हो गई हैं।
हायरिंग में गिरावट, छंटनी में बढ़ोतरी
FY26 में टॉप 5 IT कंपनियों के कुल कर्मचारियों की संख्या में 7,389 की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल की हल्की बढ़ोतरी के बिल्कुल उलट है।
- Tata Consultancy Services ने लगभग 12,000 कर्मचारियों को कम किया
- Infosys में तिमाही आधार पर बड़ी गिरावट दर्ज हुई
- Tech Mahindra में करीब 1,993 कर्मचारियों की कमी आई
- HCL Technologies और Wipro में सीमित बढ़ोतरी ही देखने को मिली
AI बना सबसे बड़ा कारण
कंपनियों के मैनेजमेंट का कहना है कि अब हायरिंग का फोकस बदल गया है।
- AI, डेटा, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स की मांग बढ़ी
- पारंपरिक रोल्स में भर्ती कम हुई
- कंपनियां “भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स” पर ध्यान दे रही हैं
नई नौकरियों की रफ्तार लगभग स्थिर
Nasscom की रिपोर्ट के अनुसार:
- IT सेक्टर ने FY26 में लगभग 2,000 नई नौकरियां ही जोड़ीं
- कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 59.5 लाख पहुंची
- वृद्धि सिर्फ 2.3% के आसपास रही
कंपनियों की बदली रणनीति
- Tata Consultancy Services ने FY27 के लिए 25,000 नई भर्तियों का लक्ष्य रखा है (पहले से कम)
- Infosys ने करीब 20,000 भर्तियों का संकेत दिया है
- Wipro और Tech Mahindra ने मांग आधारित हायरिंग नीति अपनाई है
- HCL Technologies ने तिमाही आधार पर भर्ती तय करने की बात कही है
मैनेजमेंट की राय
कंपनियों का कहना है कि:
- अब फोकस ऑटोमेशन और AI पर है
- स्किल्ड और स्पेशलाइज्ड टैलेंट की ही ज्यादा मांग है
- पारंपरिक बड़े पैमाने पर भर्ती का दौर फिलहाल धीमा पड़ गया है
FY26 में भारत की IT इंडस्ट्री एक ट्रांजिशन फेज में दिख रही है। AI और ऑटोमेशन के बढ़ते असर ने जहां नई स्किल्स की मांग बढ़ाई है, वहीं बड़े पैमाने पर हायरिंग और जॉब ग्रोथ को धीमा कर दिया है। आने वाले वर्षों में कंपनियों की भर्ती रणनीति पूरी तरह “डिमांड और स्किल-बेस्ड मॉडल” पर निर्भर रहने की संभावना है।



