उत्तर प्रदेश

अयोध्या में फ्लोरिकल्चर को नई उड़ान: 2 करोड़ की लागत से बनेगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर’

Ayodhya में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। पिरखौली क्षेत्र में तीन हेक्टेयर भूमि पर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर’ स्थापित किया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 2 करोड़ रुपये होगी।

यह परियोजना Uttar Pradesh में फ्लोरिकल्चर (फूलों की खेती) को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने का भी लक्ष्य रखती है।

राम मंदिर के लिए ताजे फूलों की होगी आपूर्ति

इस केंद्र का एक प्रमुख उद्देश्य Ram Mandir Ayodhya के लिए गुणवत्तापूर्ण फूलों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे स्थानीय स्तर पर फूल उत्पादन बढ़ेगा और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।

किसानों के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक

उद्यान विभाग के अनुसार, इस केंद्र में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें शामिल होगा:

  • उन्नत फूलों की खेती
  • कीट प्रबंधन
  • ड्रिप इरिगेशन तकनीक
  • विपणन और एक्सपोर्ट रणनीति
  • ग्रीनहाउस तकनीक

यहां डच रोज़ और गेंदा जैसी उच्च गुणवत्ता वाली प्रजातियों पर विशेष फोकस रहेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र

Ayodhya में बनने वाले इस केंद्र में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जैसे:

  • ग्रीनहाउस सिस्टम
  • सोलर पावर यूनिट
  • टिश्यू कल्चर लैब
  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम

रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

इस परियोजना से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

  • फूलों की कटाई
  • पैकेजिंग
  • ट्रांसपोर्ट
  • मार्केटिंग

इन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

यह केंद्र किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर फूलों की खेती की ओर प्रेरित करेगा, जिससे उनकी आय बढ़ सके। साथ ही ड्राई फ्लावर और एक्सपोर्ट जैसे नए बाजारों के अवसर भी खुलेंगे।

भविष्य की योजना

सरकार की योजना है कि इसी मॉडल पर आगे चलकर Mathura और Varanasi में भी ऐसे उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएं।

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