यूपी में शिक्षकों का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू, दीक्षा पोर्टल से निष्ठा कार्यक्रम का पहला चरण प्रारंभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू कर दिया गया है। इस ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के शिक्षकों को डिजिटल रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, शिक्षकों का नामांकन 21 मई 2026 से शुरू हो चुका है और यह प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक चलेगी। वहीं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक संचालित किए जाएंगे। शासन ने सभी बीएसए, डायट प्राचार्य, बीईओ और अन्य शैक्षिक अधिकारियों को शत-प्रतिशत नामांकन और प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ईसीसीई के तहत प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक के शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा और बुनियादी सीखने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी श्रेणी एफएलएन के अंतर्गत कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को भाषा और गणित आधारित शिक्षण पद्धति सिखाई जाएगी। तीसरी श्रेणी में कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों को एडवांस मॉड्यूल के तहत साइबर हाइजीन, ई-वेस्ट प्रबंधन, एक्शन रिसर्च और पर्यावरण संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही निपुण भारत मिशन और अन्य शैक्षिक पहलों के जरिए सीखने की गुणवत्ता को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि जब शिक्षक तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तभी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सीखने की क्षमता में वास्तविक सुधार संभव होगा। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानकर परिणाम आधारित और व्यावहारिक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।



