उत्तर प्रदेश
फास्ट फूड की आदत ने ली मासूम की जान: अहाना की मौत से मिला कड़ा सबक

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना की मौत ने फास्ट फूड खाने के खतरों को फिर से उजागर कर दिया है। घरवालों की बार-बार चेतावनी के बावजूद अहाना लगातार चाऊमीन, मैगी, पिज्जा और बर्गर जैसी चीजें खाती रही।
अचानक बिगड़ी तबीयत
- सितंबर में अहाना की पेट में तेज दर्द शुरू हुआ।
- परिजन उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच में पता चला कि आंतों में कई जगह छेद हो गए थे।
- डॉक्टरों ने इसे लंबे समय तक फास्ट फूड के सेवन से जुड़ा बताया।
ऑपरेशन और अस्थायी सुधार
- ऑपरेशन सफल रहा और अहाना को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
- घर लौटने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और वह लगातार कमजोर होती गई।
दिल्ली एम्स में अंतिम समय
- चार दिन पहले स्थिति और बिगड़ी, परिजन उसे दिल्ली AIIMS लेकर गए।
- इलाज के दौरान कुछ सुधार हुआ, पर रविवार रात हार्ट फेल होने से अहाना की मौत हो गई।
परिवार और डॉक्टर्स की प्रतिक्रिया
- मामा गुलजार खान उर्फ गुड्डू ने बताया कि डॉक्टरों ने फास्ट फूड को मुख्य कारण बताया।
- पूरे परिवार में गहरा शोक है और इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी और चेतावनी
अहाना की कहानी बताती है कि लगातार जंक फूड खाने से आंतों और हृदय पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और किशोरों को संतुलित आहार लेने की सलाह दी जानी चाहिए और तले-भुने पदार्थों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।




