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मुंबई नगर निगम मेयर चुनाव: भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट में खींचतान जारी

मुंबई: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में हुए चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बीएमसी (BMC) के मेयर पद को लेकर महायुति (भाजपा + शिवसेना शिंदे गुट) की सहयोगी पार्टियों में खींचतान बढ़ गई है।
उद्धव गुट का धमकी भरा बयान
शिवसेना (यूबीटी) के अनुसार, यदि बीएमसी में भाजपा का मेयर चुना गया तो उनके नगरसेवक मतदान से दूर रहेंगे। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद अभी भी शिवसेना का मेयर बनाना है।
इस कदम से भाजपा के लिए मेयर पद चुनना आसान हो सकता है, क्योंकि महायुति गठबंधन में भाजपा और शिंदे गुट के कुल पार्षद बहुमत से सिर्फ 4 वोट अधिक हैं (कुल 118)।
शिंदे गुट के पार्षद होटल में ठहरे
- एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को ताज लैंड होटल में ठहराया है।
- होटल में रहने के दौरान पार्षदों को नगर निगम में काम करने और नागरिकों से व्यवहार करने के तरीके समझाए गए।
- शिंदे ने कहा, “हमें कोई डर नहीं है, पार्षद अपने महापौरों का ध्यान रखें।”
भाजपा का कड़ा निर्देश
- भाजपा ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को अगले 10 दिनों तक मुंबई से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया।
- यदि किसी आपात स्थिति में शहर से बाहर जाना जरूरी हो, तो पार्टी नेतृत्व को पहले सूचना देना अनिवार्य है।
- बीएमसी में मेयर पद के लिए कुल 227 पार्षदों में 114 वोट की जरूरत होती है, और महायुति के पास बहुमत 118 वोट का है।




