झारग्राम में पीएम मोदी का ‘झालमुड़ी ब्रेक’ बना सियासी मुद्दा, TMC ने लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच नरेंद्र मोदी का झारग्राम दौरा अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। रविवार को चुनावी रैली के दौरान पीएम अचानक सड़क किनारे एक झालमुड़ी की दुकान पर रुक गए, जिसके बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
‘झालमुड़ी ब्रेक’ पर TMC का हमला
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि पीएम के इस अचानक कार्यक्रम के कारण हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को झारग्राम में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।
पार्टी के मुताबिक, दोनों नेताओं को घंटों इंतजार करना पड़ा और अंततः उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर रांची लौटना पड़ा।
TMC का आरोप: “लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन”
TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सोरेन दंपति को रोका गया, जबकि प्रधानमंत्री का “नाश्ता ब्रेक और फोटो सेशन” चलता रहा।
पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं का अपमान बताते हुए कहा कि यह घटना पीएम की “आदिवासी-विरोधी मानसिकता” को दर्शाती है।
झारग्राम में पीएम का वीडियो हुआ वायरल
नरेंद्र मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर “झारग्राम में झालमुड़ी ब्रेक” का वीडियो शेयर किया। वीडियो में वे एक दुकानदार से झालमुड़ी लेते नजर आए, जबकि आसपास बड़ी संख्या में लोग नारे लगाते दिखे।
चुनावी संदर्भ में बढ़ी सियासत
TMC ने आरोप लगाया कि पीएम का यह दौरा आदिवासी वोटरों को साधने के उद्देश्य से था, लेकिन इस घटना ने उल्टा असर डाला है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।




