भीषण गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग, Uttarakhand Power Corporation Limited ने केंद्र से की ये मांग

Uttarakhand में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है। तापमान में इजाफे के साथ बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जबकि उत्पादन और सप्लाई में कमी से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
स्थिति को संभालने के लिए Uttarakhand Power Corporation Limited (UPCL) ने केंद्र सरकार से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर
ऊर्जा विभाग के अनुसार, राज्य में इस समय रोजाना बिजली की मांग करीब 5.3 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता केवल 4.5 करोड़ यूनिट है। इस अंतर के कारण कई इलाकों में बिजली कटौती (Power Cut) की समस्या सामने आ रही है।
क्यों गहराया बिजली संकट?
UPCL अधिकारियों के मुताबिक इस संकट के पीछे कई अहम वजहें हैं:
- भीषण गर्मी के कारण देशभर में बिजली की मांग में अचानक वृद्धि
- अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस की कमी
- गैस आधारित बिजली संयंत्रों का पूरा उत्पादन न कर पाना
- जलस्तर घटने से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स प्रभावित
राज्य में करीब 321 मेगावाट क्षमता के गैस आधारित प्लांट हैं, लेकिन गैस की कमी के कारण ये अपनी पूरी क्षमता पर काम नहीं कर पा रहे हैं।
हाइड्रो पावर पर भी असर
नदियों में जलस्तर कम होने से जलविद्युत परियोजनाओं का उत्पादन भी घट गया है। इसका सीधा असर कुल बिजली उत्पादन पर पड़ा है, जिससे संकट और गहरा गया है।
घरेलू उपकरणों से बढ़ा लोड
बिजली की मांग में करीब 5% तक वृद्धि दर्ज की गई है।
- AC, कूलर, इंडक्शन कुकर जैसे उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल
- इससे अतिरिक्त 50 से 100 मेगावाट तक लोड बढ़ा
केंद्र से राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय ऊर्जा सचिव Pankaj Agarwal ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली देने का आश्वासन दिया है। इससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की तैयारी में जुटा UPCL
UPCL ने भविष्य की मांग को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है:
- Uttarakhand Electricity Regulatory Commission से अनुमति
- ऊर्जा एक्सचेंज से बिजली खरीदने की योजना
खरीद योजना:
- 1–15 मई 2026: 100 मेगावाट
- 16–31 मई 2026: 225 मेगावाट
क्या आगे और बढ़ेगी समस्या?
ऊर्जा विभाग के अनुसार, अगर गर्मी का असर जारी रहता है तो बिजली की मांग और बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल सरकार और विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।




