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IPS अजयपाल शर्मा को बंगाल भेजे जाने पर सियासी घमासान, TMC और सपा ने उठाए सवाल

नई दिल्ली: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी अजयपाल शर्मा को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। उनके कथित वायरल वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के कथित आपत्तिजनक वीडियो के सामने आने से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले से सरकार के महिला सुरक्षा और नारी सम्मान के दावों पर सवाल उठते हैं।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इस तरह के अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और यह देखा जाएगा कि निलंबन या बर्खास्तगी कब तक होती है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री की छवि से भी जोड़ते हुए टिप्पणी की कि इस मामले में सरकार का रुख महत्वपूर्ण होगा।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस विवाद पर तंज कसते हुए एक टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारी पर व्यंग्यात्मक अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठते हैं और निष्पक्षता जरूरी है।

इस बीच, TMC ने आरोप लगाया है कि अजयपाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है और उनकी छवि और कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए विपक्ष पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और चुनावी नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

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