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वंदे मातरम् पर लोकसभा में गरमाए अखिलेश यादव: “जो आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं हुए

नई दिल्ली: वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में हुई विशेष चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर इतिहास “हथियाने” का आरोप लगाया और कहा कि जिन लोगों का आजादी के आंदोलन से कोई संबंध नहीं था, वे आज राष्ट्रगीत की आड़ में राजनीति कर रहे हैं।

“जो महापुरुष आपके नहीं, उसे भी अपना बता रहे हैं”—अखिलेश का BJP पर वार

अखिलेश यादव ने सदन में कहा:

“सत्तापक्ष के लोग हर चीज़ को ‘ओन’ करना चाहते हैं। जो महापुरुष उनके नहीं हैं, उन्हें भी अपना बताने की कोशिश करते हैं।”

उन्होंने दावा किया कि भाजपा का इतिहास कुछ और कहता है, लेकिन सत्ता मिलते ही पार्टी ऐसे नेताओं और विचारकों की विरासत पर दावा करने लगती है, जिनका उससे कोई संबंध नहीं रहा।

“जब सपा-बसपा ने हराया, तब BJP को बाबा साहब की याद आई”—अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा और RSS का असली चेहरा चुनावों के दौरान नजर आता है:

“इनके चुनावी मंचों पर कभी बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर नहीं दिखती थी। जब सपा और बसपा ने मिलकर यूपी में इन्हें हराया, तभी से ये लोग बाबा साहेब की प्रतिमा और तस्वीरें लगाने लगे।”

अखिलेश ने इसे राजनीतिक दिखावा बताया और कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वालों को सत्ता पक्ष से नसीहत की जरूरत नहीं है।

“दरारवादी लोग देश को तोड़ना चाहते हैं”—वंदे मातरम् पर अखिलेश का बयान

वंदे मातरम् की चर्चा पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा:

“जिस वंदे मातरम् ने आजादी की लड़ाई में देश को जोड़ा, आज के दरारवादी लोग उसी पर देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि:

  • अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर प्रतिबंध लगाया था
  • इसके बावजूद स्वतंत्रता सेनानी इसे दिल और दिमाग में लिए रहे
  • स्वदेशी आंदोलन की ताकत भी यही गीत था

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा:

“जिन्होंने आजादी के आंदोलन में भाग ही नहीं लिया, वे वंदे मातरम् का महत्व क्या जानेंगे? ये राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्र-विवादी लोग हैं।”


“UP ने कम्युनल पॉलिटिक्स का अंत किया”—अखिलेश का दावा

सपा चीफ ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने बार-बार संदेश दिया है कि सांप्रदायिक राजनीति को अब जगह नहीं मिलेगी।

“जहां से इन्होंने कम्युनल राजनीति शुरू की थी, वहीं यूपी के लोगों ने उसका अंत कर दिया।”

उन्होंने कहा कि सपा सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती रहेगी।

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