पोप लियो और ट्रंप में टकराव: ईरान युद्ध नीति और विदेश नीति पर तीखी बयानबाजी

Pope Leo XIV और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बीच ईरान युद्ध नीति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पोप लियो ने हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और ईरान पर संभावित हमले को “अन्यायपूर्ण युद्ध” करार देते हुए इसकी आलोचना की थी।
ट्रंप का पलटवार
पोप के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पोप लियो अपराध और विदेश नीति के मामलों में कमजोर सोच रखते हैं और अमेरिका की सुरक्षा नीतियों को सही तरह से नहीं समझते।
कोविड और चर्च बंदी पर टिप्पणी
ट्रंप ने अपने बयान में कोविड-19 महामारी के दौरान चर्चों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय चर्चों पर प्रतिबंध लगाए गए और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान कैथोलिक चर्च और अन्य धार्मिक संस्थाओं को अनुचित दबाव का सामना करना पड़ा।
ईरान और वेनेजुएला पर रुख
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ऐसे किसी धार्मिक नेता से सहमत नहीं हैं जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम या अमेरिका की विदेश नीति की आलोचना करे। उन्होंने Venezuela का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश अमेरिका में नशीले पदार्थों और अपराध से जुड़ी समस्याओं में भूमिका निभा रहा है।
“पोप को राजनीति से दूर रहना चाहिए”
ट्रंप ने पोप लियो को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें धार्मिक नेतृत्व पर ध्यान देना चाहिए, न कि राजनीतिक मुद्दों पर। उन्होंने आरोप लगाया कि पोप का रुख वामपंथी विचारधारा से प्रभावित है और इससे कैथोलिक चर्च की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
विवाद से बढ़ा तनाव
इस बयानबाजी ने धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही स्तर पर बहस को तेज कर दिया है। एक ओर पोप युद्ध और मानवता के मुद्दों पर चिंता जता रहे हैं, वहीं ट्रंप इसे अमेरिका की सुरक्षा और विदेश नीति से जोड़कर देख रहे हैं।




