महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस का वार: “सिस्टम को हाईजैक कर रही सरकार”

भारत की संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक समेत तीन संशोधन बिलों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने इन बिलों की टाइमिंग और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इमरान मसूद का आरोप: “परिसीमन से संघीय ढांचा प्रभावित होगा”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण बिल का पहले दिन से समर्थन करती रही है, लेकिन परिसीमन को इसमें जोड़ने पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप परिसीमन को आगे बढ़ाकर पूरे सिस्टम को बदलने की कोशिश कर रही है।
इमरान मसूद के अनुसार, अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ तो दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है, जिससे देश के संघीय ढांचे में असंतुलन पैदा होगा।
“परिसीमन आयोग को मिलेंगी असीमित शक्तियां”
इमरान मसूद ने आगे कहा कि यदि परिसीमन आयोग को बिना किसी संतुलन के अत्यधिक शक्तियां दी गईं तो यह लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक होगा।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों को इससे नुकसान होगा और क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा।
कांग्रेस का बड़ा हमला: “लोकतंत्र पर खतरा”
राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
“समाज में जहर घोलने का आरोप”
प्रमोद तिवारी ने कहा कि परिसीमन को जिस तरह से आगे बढ़ाया जा रहा है, उससे समाज में विभाजन बढ़ सकता है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेगी।




