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भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF की बड़ी कार्रवाई: 569 KM खुले हिस्से में फेंसिंग तेज, घुसपैठ पर लगेगी रोक

Border Security Force (BSF) ने India और Bangladesh की अंतरराष्ट्रीय सीमा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल से सटी सीमा के संवेदनशील और अब तक बिना बाड़ वाले हिस्सों में फेंसिंग का काम तेज कर दिया गया है।

खुले बॉर्डर हिस्सों में युद्ध स्तर पर फेंसिंग

Border Security Force ने उन इलाकों में बाड़बंदी शुरू की है, जहां सालों से सुरक्षा की चुनौती बनी हुई थी। इन अनफेंस्ड पैच को घुसपैठ और तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

राज्य सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आने के बाद अब काम आगे बढ़ाया गया है।

27 किलोमीटर के संवेदनशील हिस्से पर फोकस

अधिकारियों के अनुसार उत्तर 24 परगना सहित कई सीमावर्ती जिलों में संयुक्त सर्वे किया गया है। करीब 27 किलोमीटर लंबे एक महत्वपूर्ण हिस्से की जमीन जल्द ही Border Security Force को सौंपे जाने की तैयारी है।

क्यों जरूरी है यह फेंसिंग?

India और Bangladesh के बीच करीब 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें लगभग 569 किलोमीटर हिस्सा अब तक बिना बाड़ के है।

इस खुले क्षेत्र के कारण कई समस्याएं सामने आती रही हैं:

  • अवैध घुसपैठ
  • मवेशी तस्करी
  • नकली नोटों की तस्करी
  • ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान की आवाजाही

स्मार्ट फेंसिंग और हाई-टेक निगरानी

Border Security Force अब पारंपरिक बाड़ के साथ-साथ आधुनिक तकनीक भी लगा रही है।

इसमें शामिल हैं:

  • फ्लड लाइट्स
  • नाइट विज़न कैमरे
  • एंटी-कट सेंसर
  • कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (CIBMS)

नदी और दलदली इलाकों में, जहां फिजिकल फेंसिंग संभव नहीं है, वहां तकनीकी निगरानी सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का सहयोग

सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त सर्वे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन का सहयोग मिल रहा है, जिससे भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सुरक्षा में बड़ा बदलाव

इस परियोजना के पूरा होने के बाद सीमा पर घुसपैठ और तस्करी पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। साथ ही पूर्वी सीमा की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत होने की संभावना है।

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